उरई।जनपद जालौन में गोवंश संरक्षण एवं गौशालाओं के बेहतर संचालन को नई दिशा देते हुए विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों, संस्थाओं एवं एनजीओ को स्थायी एवं अस्थायी गो-आश्रय स्थलों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम में चयनित संस्थाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर गौशालाओं का संचालन औपचारिक रूप से हस्तांतरित किया गया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग श्याम बिहारी गुप्ता, सदस्य गो-सेवा आयोग राजेश सिंह सेंगर तथा जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी माता महिला स्वयं सहायता समूह को ऐंधा-पुर, पलक स्वयं सहायता समूह को रामपुर ऐरी, सेवा संकल्प को बोहदपुरा-कुकुरगांव, बांके बिहारी स्वयं सहायता समूह को छौक, गिरवा स्वयं सहायता समूह को पारासन तथा मां संकटा स्वयं सहायता समूह को मरगंयाँ-गर्रेही गौशाला का संचालन सौंपा गया। इसके अलावा ओरछा धाम संस्था, मां जगत जननी सेवा समिति, भारतीय मानवाधिकार फाउंडेशन, जय मां काली महिला स्वयं सहायता समूह, आनंदी महिला स्वयं सहायता समूह, जय सिद्ध बाबा महिला स्वयं सहायता समूह, अन्ना चैरिटेबल फाउंडेशन तथा यशोदा गौशाला सेवा संस्थान को भी विभिन्न गौशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी दी गई।

अध्यक्ष गो-सेवा आयोग श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार गौवंश संरक्षण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गौसेवा केवल दायित्व नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वयं सहायता समूहों एवं सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से गौशालाओं की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा गोवंशों को बेहतर संरक्षण मिलेगा।

सदस्य गो-सेवा आयोग राजेश सिंह सेंगर ने कहा कि गौशालाओं के प्रभावी संचालन से निराश्रित गोवंश की समस्या में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा प्रत्येक गो-आश्रय स्थल को सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित करने की है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि जनपद में गोवंश संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं को निर्देश दिए कि गौशालाओं में चारा, पानी, छाया, साफ-सफाई तथा चिकित्सीय सुविधाएं नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता से गौशालाओं के संचालन में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी, डीडीओ निशान्त पाण्डेय, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

रिपोर्ट-अमित कुमार पत्रकार जनपद जालौन उत्तर प्रदेश।