जालौन।जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाइयों की उपलब्धता और सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकांश मरीजों ने बताया कि उन्हें निःशुल्क दवाएं मिल रही हैं और डॉक्टरों द्वारा संतोषजनक उपचार किया जा रहा है।
अस्पताल परिसर में लगे हेल्थ एटीएम के सही ढंग से काम न करने पर डीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि दो दिन के भीतर इसे पूरी तरह चालू कराया जाए, ताकि मरीजों को त्वरित जांच की सुविधा मिल सके।
वहीं, अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण उसका उपयोग न हो पाने पर जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सप्ताह में कम से कम दो दिन रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे मरीजों को बाहर न जाना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही जांच सुविधा उपलब्ध हो सके।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अस्पताल में सभी जरूरी सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें और मरीजों को समय पर, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले-यह प्रशासन की प्राथमिकता है।निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी हेमंत पटेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।
रिपोर्ट-अमित कुमार।

