जालौन जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने आमजन से लू और हीट वेव से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। समय पर उपचार न मिलने पर जान का खतरा भी हो सकता है।CMO ने बताया कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी, घबराहट, कमजोरी, बेहोशी, शरीर में ऐंठन, पसीना बंद होना, त्वचा का लाल और गर्म हो जाना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं और चिकित्सकीय सलाह लें।उन्होंने लोगों को सलाह दी कि गर्मी के दौरान अधिक से अधिक पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें तथा सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें। धूप में जाने पर चश्मा और चप्पल का प्रयोग करें। यदि खुले में काम करना जरूरी हो तो बीच-बीच में आराम करें और पानी पीते रहें।CMO ने बताया कि शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, चावल का मांड जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन लाभकारी है। गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि ये लोग गर्मी से जल्दी प्रभावित होते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में न छोड़ें। गहरे रंग के तंग कपड़े, बासी भोजन, शराब और नशीले पदार्थों से बचें। साथ ही भारी व्यायाम और ज्यादा मेहनत वाले कार्यों से भी दूरी बनाए रखें।CMO डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि सतर्कता और सावधानी ही लू से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

