उरई (जालौन)जनपद में पत्रकारों की सुरक्षा एवं अधिकारों को लेकर आवाज तेज होती नजर आई, जब भारतीय पत्रकार कल्याण परिषद के बैनर तले पत्रकारों ने 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम प्रेषित किया।परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम आसरे त्रिवेदी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में पत्रकारों के लिए सुरक्षा गारंटी कानून लागू करने की प्रमुख मांग उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में पत्रकारों को कई प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता प्रभावित हो रही है।ज्ञापन में पत्रकारों को टोल टैक्स से मुक्त करने, उनके बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने, बीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा श्रमजीवी पत्रकारों के लिए न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गईं।इस दौरान राम आसरे त्रिवेदी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का अभिन्न स्तंभ हैं और उनकी सुरक्षा व सम्मान की जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पत्रकारों के हित में ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।जिलाधिकारी ने ज्ञापन को राष्ट्रपति तक भेजने का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रशासन पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनकी मांगों को उचित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विष्णु बल्लभ चंसौलिया, दैनिक स्वतंत्र भारत के जिला संवाददाता सुरेश खरकया, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी, जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा, राष्ट्रीय सचिव लालता प्रसाद यादव (सैदनगर), बृजेश उदैनिया (जालौन), रामकेश साहू (जालौन), अमरनाथ शर्मा (माधौगढ़), हरिश्चंद्र दीक्षित (कालपी), देवेश चौरसिया (राष्ट्रीय सचिव), प्रदीप सिंह खांगर (जिला महामंत्री), राघवेन्द्र शर्मा (राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी), विकास कुमार, सलिल तिवारी (राष्ट्रीय सचिव), गोविन्द सिंह दाऊ (वरिष्ठ पत्रकार), मंजर हक (राष्ट्रीय सचिव), के.के. श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
रिपोर्ट -अमित कुमार उरई जनपद जालौन उत्तर प्रदेश।

