गेहूं खरीद में पारदर्शिता पर सख्त नजर, डीएम ने मंडियों का किया औचक निरीक्षणजालौन जनपद में गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और किसान हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जालौन एवं कोंच मंडियों में स्थापित खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जालौन मंडी में संचालित 8 तथा कोंच मंडी में 2 गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बारदाना उपलब्धता, तौल व्यवस्था, खरीद प्रक्रिया एवं किसानों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया। साथ ही मौके पर उपस्थित किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 64 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हैं। उन्होंने कहा कि एफसीआई एवं पीसीएफ सहित सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध है और खरीद कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो रहा है।
उन्होंने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है, जो बाजार दर से अधिक है।
किसानों से अपील की गई कि वे सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचकर उचित मूल्य प्राप्त करें और बिचौलियों से बचें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक किसान की ट्रॉली की अनलोडिंग प्रक्रिया का भी अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसी प्रकार की व्यवस्थाएं लगातार बनाए रखें।
जिलाधिकारी ने बताया कि खसरा अभिलेखों में पूर्व में पाई गई त्रुटियों को शासन स्तर पर दुरुस्त कर दिया गया है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। किसान अब अपनी फार्मर रजिस्ट्री एवं पहचान पत्र के आधार पर आसानी से गेहूं विक्रय कर सकते हैं।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उपजिलाधिकारियों सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों को सक्रिय रूप से तैनात किया गया है, ताकि हर केंद्र पर सुचारु व्यवस्था बनी रहे।
इस दौरान उपजिलाधिकारी हेमन्त पटेल, ज्योति सिंह, नायब तहसीलदार रोहन पंथ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

