जालौन। शनिवार शाम अचानक बदले मौसम के चलते आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनपद के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जालौन, माधौगढ़, कुठौंद, कोंच और नदीगांव क्षेत्र के करीब 30 गांवों में खड़ी व कटी फसलें प्रभावित हुई हैं। गेहूं और चना की तैयार फसल सबसे अधिक नुकसान की चपेट में आई है, जहां कई स्थानों पर फसलें जमीन पर बिछ गईं और कटी फसल भी भीगकर खराब हो गई।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तत्काल प्रशासनिक अमले को सक्रिय करते हुए प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमें शनिवार शाम से ही फसल क्षति के आकलन में जुट गई हैं। सर्वे कार्य को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फसल बीमा कंपनियों को भी शीघ्र आकलन कर किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कहा गया है।कुठौंद और माधौगढ़ क्षेत्र में नुकसान अधिक सामने आया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक क्षति दर्ज की गई है। मदनेपुर, गोरा राठौर, सलैया, चटसारी, दावर और ऊंचा गांव सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को नुकसान के आकलन से वंचित नहीं रखा जाएगा। बटाई या पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को भी मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।इसके अलावा, जनहानि या पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसानों में राहत की उम्मीद जगी है।

 

रिपोर्ट -अमित कुमार उरई जनपद जालौन।