जालौन।क्षेत्र पंचायत कार्यालय में कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों को पिछले 9 माह से मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है।कर्मचारियों का कहना है कि क्षेत्र पंचायत कार्यालय में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को जुलाई 2025 के बाद से मानदेय नहीं मिला है। इतने लंबे समय से भुगतान न होने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

कर्मचारियों ने बताया कि इस दौरान दशहरा, दीपावली, नवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहार भी निकल गए, जिनमें सामान्यतः घरों में अधिक खर्च होता है। इसके बावजूद मानदेय का भुगतान न होने से कर्मचारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।ज्ञापन में कर्मचारियों ने यह भी कहा कि मनरेगा के अंतर्गत मानव दिवस सृजन में उत्तर प्रदेश के अग्रणी रहने पर प्रदेश सरकार की ओर से प्रशंसा की गई है, लेकिन इस कार्य को आगे बढ़ाने वाले कर्मचारियों को ही समय पर मानदेय नहीं मिल पा रहा है।जिलाधिकारी से मांग की है कि लंबित 9 माह के मानदेय का शीघ्र भुगतान कराया जाए और कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को रोका जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।इस दौरान प्रकाश बाबू, महावीर शरण, हिम्मत सिंह, इन्द्रपाल सिंह, महेंद्र पाल, कमल किशोर, पवन तिवारी, बुद्ध सिंह, प्रवीन, दिव्या, अनिल, गणेश, शिवकुमार और मोहित सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

 

रिपोर्ट -अमित कुमार पत्रकार जनपद जालौन उत्तर प्रदेश।