जालौन।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक बाल शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जालौन ब्लॉक में ‘हमारा आंगन, हमारे बच्चे’ उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों के समन्वित प्रयासों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षाविद् डॉ. नितिन मित्तल ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों का विकास भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों में नैतिकता और संस्कारों का समावेश किया जाए तो वे आगे चलकर जिम्मेदार और सफल नागरिक बनते हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों की देखभाल, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं।

खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि जब बच्चा कक्षा एक में प्रवेश करे तो वह अपनी आयु के अनुरूप आवश्यक दक्षताएं प्राप्त कर चुका हो। इसी उद्देश्य से को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आंगनबाड़ी और विद्यालय मिलकर बच्चों को बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत संचालित बाल वाटिका से जुड़ी व्यवस्थाओं और मानकों की जानकारी भी दी गई। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में किए गए सुधारों की चर्चा करते हुए बताया गया कि को-लोकेटेड केंद्रों को वंडर बॉक्स, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
इस अवसर पर ब्लॉक की प्रत्येक न्याय पंचायत से चयनित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के 50 निपुण बच्चों को स्टेशनरी किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आलोक खरे ने किया। इस दौरान बाल विकास परियोजना से डॉली निरंजन, प्रभारी सीडीपीओ जितेंद्र सिंह, निहारिका गौतम, सुनीता वर्मा, दीपू शर्मा, एआरपी बलवान पाल, नोडल शिक्षक आलोक खरे, सौरभ खरे, शिव प्रताप राठौर, दीपेंद्र, अखिलेश रजक, संजीव सोनकिया, शैलेंद्र राजावत, गोविंद दीक्षित, भूरी देवी, मधुलता गुप्ता, आरती शुक्ला, रीनू पाल, ज्योति कुशवाहा, किरन, नेहा व ज्योति सहित अनेक शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां मौजूद रही।

रिपोर्ट-अमित कुमार पत्रकार जनपद जालौन उत्तर प्रदेश.।