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पुलिस की करतूत,पुलिस मामले को दबाने में जुटी है

कहने को तो पुलिस जनता की रक्षा के लिए होती है बाबजूद इसके यूपी पुलिस हमेशा ही अपने करतूत के चलते चर्चा में रहती है आज फिर एक बार पुलिस का नया कारनामा सामने आया है जहां आरोप ये लगा है कि लोकसभा चुनाव में पक्ष में वोट ना करने पर पार्टी के पक्ष में कार्य कर रहे लोगो ने अपने दबंग भाई जो यूपी पुलिस में सिपाही है उसके साथ मिलकर विकलांग व्यक्ति महिला और बच्चे समेत कुल 6 लोगो को लहू लुहान कर दिया और मौके से फरार हो गए वही पीड़ित परिवार थाने के चक्कर लगा रहा है मामला पुलिस का होने पर पुलिस मामले को दबाने में जुटी है थाने के अंदर खून से लतपथ बैठे इन लोगो को देखकर ये अंदेशा लगाया जा सकता है कि किस कदर इनसभी को पीटा गया होगा …मामला कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र के हारामऊ डेरा गाँव का है जहां पीड़ितों का आरोप है की गाँव के सुरेश जो एक राजनीति पार्टी को सपोर्ट करते है और लोकसभा चुनाव के दौरान वोट देने का दबाव बना रहे थे पीड़ितों की माने तो सुरेश का भाई पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर मथुरा में तैनात है जो चुनाव ड्यूटी खत्म करके कल घर आया था तभी रास्ते मे किसी मामूली सी कहा सुनी को लेकर सिपाही मनोज ने अपने परिजनों के साथ मिलकर घर की महिला बच्चों समेत करीब 6 लोगो को लाठी डंडो से पीटा और पुलिस का रौब दिखा बोलने लगा मेरा कोई कुछ नही कर सकता पीड़ित दुर्गेश पैरों से विकलांग भी है जिसको सिपाही मनोज ने इतना पीटा की उसके सिर पर भी गंभीर छोटे आई है पुलिस ने इन सभी का मेडिकल करवाने की जगह थाने में ही बैठाल रख्खा है और मामले को दबाने में जुटी हुई है वही जब इस मामले में एडिशनल एसपी अनूप कुमार से बात की गई तो उन्होंने पूरा मामला वाइक की टक्कर का बता दिया जब उनसे पूछा गया कि चुनाव में वोट करने की बात सामने आ रही है तो उन्होंने सभी पहलुओं पर जांचकर कार्यवाही की बात कही और ये भी कहा की हमलावरों में एक पुलिस का सिपाही भी है जो बाहर कहि तैनात है जो भी दोषी होगा जांचकर कार्यवाही होगी रिपोर्ट:मनोज सिंह

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