📌मीना मंच—अभिव्यक्ति से आत्मविश्वास तक

जनपद जालौन,
उरई स्थित साई पैलेस में आज प्रगति स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0 बाल उत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

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कार्यक्रम में जनपद के समस्त विकास खंडों से पाँच-पाँच मॉडल मीना मंचों तथा 08 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों ने अपने जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर आधारित स्वलिखित कहानियाँ प्रस्तुत कीं तथा स्वयं निर्मित कॉमिक बुक के माध्यम से अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी छात्र-छात्राओं ने सामाजिक विषयों पर सशक्त संदेश प्रस्तुत किए।

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जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि मीना मंच केवल एक मंच नहीं, बल्कि यह बच्चों के सपनों, आत्मविश्वास और स्वाभिमान को सशक्त करने का माध्यम है। जब बच्चे स्वयं अपनी कहानी लिखते हैं, अपनी कॉमिक बनाते हैं और समाज के जेंडर स्टीरियोटाइप जैसे विषयों पर विचार रखते हैं, तब वे केवल प्रतिभागी नहीं रहते वे परिवर्तन के वाहक बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में अभिव्यक्ति क्षमता, नेतृत्व कौशल और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करना है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मसम्मान और निर्णय लेने की क्षमता को सुदृढ़ करते हैं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जेंडर स्टीरियोटाइप, मीडिया के आदर्श स्वरूप और हानिकारक बॉडी टॉक जैसे विषयों पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत विचारों की सराहना करते हुए कहा कि यह जागरूकता ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने शिक्षकों और नोडल अधिकारियों को भी इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देने हेतु बधाई दी। प्रतियोगिताएँ एवं चयन
निर्णायक मंडल द्वारा प्रत्येक प्रतियोगिता में पाँच-पाँच प्रतिभागियों का चयन मंडल स्तरीय प्रतियोगिता हेतु किया गया। पोस्टर मेकिंग एवं मेरे बदलाव की कहानी श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सराहा गया।

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सम्मान एवं प्रशस्ति
कार्यक्रम में जिला नोडल डॉ. ममता स्वर्णकार, मास्टर ट्रेनर डॉ. कल्पना श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार शुक्ला, मनीष कुमार ओझा, निधि सिंहा एवं विपिन उपाध्याय को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रतिभागी बच्चों, नोडल शिक्षकों एवं सुगमकर्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति राजपूत एवं डीसी बालिका नैना सेंगर के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।

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इस बाल उत्सव का मुख्य उद्देश्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित सेल्फ-स्ट्रीम एवं मीना मंच गतिविधियों के अंतर्गत बच्चों के सपनों और आकांक्षाओं का उत्सव मनाना, उनके आत्मविश्वास को पोषित करना तथा सफलता की कहानियों को साझा करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि जब बच्चों को सही दिशा और अवसर मिलता है, तो वे न केवल स्वयं प्रगति करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा भी बनते हैं।

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