सोनी न्यूज़
उत्तर प्रदेश

आईआईटी कानपुर के बाद एनएसआई के डायरेक्टर की भी बनी फर्जी आईडी

साइबर ठगों का फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नही ले रहा है आईआईटी के बाद उनकी नजर नेशनल सुगर इंस्टिट्यूट पहुँच गई है। ठगों ने डायरेक्टर की आईडी बनाकर वहां के अधिकारियों से पैसे मांगने शुरू कर दिए हैं जिसकी शिकायत डायरेक्टर ने कल्यानपुर थाने में ही है।

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के डायरेक्टर नरेंद्र मोहन की साइबर ठगों फेक आईडी बना ली है और उससे पैसों की डिमांड करना शुरू कर दिया है। दरसल आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर की बीते दिनों कुछ साइबर ठगों ने फर्जी ई मेल बनाकर वहां के कर्मचारियों से पैसे की डिमांड की थी जिसकी शिकायत पर उसकी जांच की जा रही है। पुलिस अभी इन साइबर ठगों को पकड़ भी नही पाई थी कि राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के डायरेक्टर नरेंद्र मोहन की भी किसी ने फर्जी आईडी बना ली है और वहां के कर्मचारियों से पैसे की मांग शुरू की है।

डायरेक्टर ने कल्यानपुर थाने में लिखित शिकायत की है कि उनको फोम द्वारा जानकरी मिली है कि उनके नाम से दो मेल पहली [email protected] और दूसरी directordirector500 @gmail.com से उनके अधिकारियों और कर्मचारियों के पास पहली मेल जाती है की वह डायरेक्टर बात कर रहा है। उसका जवाब देने वाले के पास दूसरी मेल जाती है कि वह अपने दोस्त की देखरेख में अस्पताल में हैं जिससे वह बाहर नही जा सकते अतः उनको कुछ गिफ्ट कार्ड लगभग 50 हजार कीमत के इसी मेल पर भेज दिए जाएं। यह रकम डायरेक्टर द्वारा उनको बाद में वापस कर दी जाएगी। डायरेक्टर नरेंद्र मोहन ने पुलिस से निवेदन किया है कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा। है अतः इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्यवाही की जाए।

कल्यानपुर प्रभारी निरीक्षक अजय सेठ ने बताया है कि एनएसआई डायरेक्टर की ओर से एक प्रार्थना पत्र मिला है जिसकी जांच की जा रही है ऐसा ही मामला आईआईटी से भी आया है अतः यह लोग एक ही हो सकते हैं। सभी पहलुओं को लेते हुए जांच की जा रही है जांच के बाद आंगे की कार्यवाही की जाएगी और इन ठगों को जल्द पकड़कर जेल भेज दिया जाएगा।

Content Protection by DMCA.com

ये भी पढ़ें :

जालौन-तीन दलित छात्रों के साथ भेदभाव का मामला सामने आया।

AMIT KUMAR

भाजपा सरकार अपनी भेदभावपूर्ण नीतियों से बाज नहीं आ रही है।-अखिलेश यादव

Ajay Swarnkar

जालौन-लखनऊ में आयोजित एक सम्मेलन में जनपद की महिलाओं को सम्मानित किया गया।

AMIT KUMAR

अपना कमेंट दें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.