जनपद जालौन में 90 दिनों का विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें पात्र परिवारों में छुटे 2.49 लाख सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। इस अभियान में यदि आप चूक गए तो भविष्य में आपको इलाज में जरूरत पड़ने पर कार्यालय से कार्यालय चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। या इसके बाद आपको अपने ही आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पापड़ बेलने पर सकते हैं।
यह जानकारी देते हुए आयुष्मान योजना के कार्यक्रम प्रभारी डॉ आशीष ने बताया कि जनपद में 15 जनवरी से 15 फरवरी तक 90 दिनों का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें दस हजार ऐसे परिवार जिनमें एक भी सदस्य का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, समेत 2.49 लाख छूटे लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए अभियान चलाया गया है। यदि इस अभियान में कोई भी पात्र अपना आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाते हैं तो बाद में उन्हें इसी आयुष्मान कार्ड में नाम जोड़ने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इस अभियान में न केवल पात्रों के कार्ड बनाए जायेंगे बल्कि मृतकों, विस्थापितों एवं विवाहित महिला को भी सूची से पृथक किया जाएगा, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सर्वे किया जा रहा है।
_चिन्हित लाभार्थी परिवार के छूटे सदस्य जिन्होंने अब तक अपना आयुष्मान कार्ड किसी कारणवश नहीं बनवाया है, इस अभियान में वे अपना कार्ड सूचीबद्ध चिकित्सालय, आयुष्मान आरोग्य मंदिर या पंचायत सचिवालय में जाकर अवश्य बनवा लें। जिससे इलाज के समय उन्हें कोई असुविधा न हो।_ …… सीएमओ, जालौन।
*कहां बनेंगे आयुष्मान कार्ड*:
1. सूचीबद्ध सभी राजकीय चिकित्सालय में जैसे मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय जिला महिला चिकित्सालय सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष्मान मित्र या अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा।
2. समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ के द्वारा।
3. सभी पंचायत सचिवालय में पंचायत सहायकों के द्वारा।
4. आयुष्मान ऐप से स्वपंजीकरण करते हुए।
*सूची में शामिल आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का 09 फरवरी तक अभियान चलाकर बनाए आयुष्मान*:
मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी ब्लॉक चिकित्सा अधीक्षक को 09 फरवरी तक सभी आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी।
आयुष्मान योजना के कार्यक्रम प्रभारी डॉ आशीष ने बताया कि जिले में कुल 3557 आशा एवं उनके परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें से 2797 कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसी तरह कुल 2525 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एवं उनके परिवार के सदस्यों में से 1650 के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी आशा और आंगनवाड़ी को सूचित किया गया है कि सूची में नाम देखते हुए आयुष्मान कार्ड तीन दिवसीय विशेष शिविर में अवश्य बनवा लें।

