उरई शहर को जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ० दुर्गेश कुमार ने कोतवाली उरई में शहर के प्रमुख व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने तथा अतिक्रमण हटाने को लेकर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क मार्गों पर ठेले, खुमचे एवं अस्थायी अतिक्रमण के कारण जाम की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। इसे देखते हुए वेंडिंग जोन निर्धारित किए गए हैं, ताकि छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित रूप से रोजगार मिल सके और यातायात बाधित न हो। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे स्वयं आगे आकर अपना-अपना अतिक्रमण हटाएं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि कुछ दुकानदारों द्वारा फुटपाथों पर भी अतिक्रमण किया गया है, जिससे पैदल चलने वाले नागरिकों को कठिनाई होती है। ऐसे दुकानदार स्वेच्छा से फुटपाथों से अपना अतिक्रमण हटाना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 8 दिन के भीतर यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया, तो इसके पश्चात पुलिस, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर पालिका की संयुक्त टीम नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रारंभ करेगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि वर्तमान में अस्थायी रूप से बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर नगर मजिस्ट्रेट को समीक्षा कर यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने प्रशासन के इस अभियान का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि शहर को जाम से मुक्त करना समय की मांग है। इसके लिए अतिक्रमण हटाना अत्यंत आवश्यक है। व्यापारियों ने भरोसा दिलाया कि वे स्वयं दुकानदारों एवं अन्य व्यापारियों को जागरूक करेंगे, ताकि सभी लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर उरई को स्वच्छ, सुंदर एवं अतिक्रमण मुक्त शहर बनाने में सहयोग करें।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, सीओ सिटी अर्चना सिंह, व्यापारी दिलीप सेठ, संतोष गुप्ता, अरुण त्रिपाठी सहित अन्य व्यापारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

