श्रवण मास के शुक्ला पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नौतन प्रखंड के आरपीएस पब्लिक स्कूल मंगलपुर गुदरिया में छात्र एवं छात्राओं ने मनाई राखी का त्यौहार। छात्राएं भाई रूपी छात्रों को कलाई पर राखी बांधकर राखी त्यौहार का उद्घाटन की। एक प्रमाण मिलता है चित्तौड़ की महारानी पदमा अपनी सहायता के लिए दिल्ली के बादशाह हुमायूं के यहां राखी भेज कर हूमायू को भाई बनाई थी। हुमायूं राखी बांधकर पद्मा का सहायता किए। उसके बाद राखी का प्रचलन भारतवर्ष में शुरू हुआ। महाभारत के प्रसंग में बताता है की श्री कृष्णा शिशुपाल का वध किए थे उस समय चक्र वापस हुआ तो तर्जनी उंगली में घर्षण के वजह से तर्जनी उंगली से खून बहने लगा। उस समय श्री कृष्ण की मुंह बोली बहन द्रौपदी थी अपनी साड़ी के आंचल को पारकर उंगली पर बांधी थी।उस समय से भी राखी का प्रचलन शुरू हुआ।

बहने भाई के कलाई पर राखी बांधकर भाई की लंबी उम्र की दुआ करती है। राखी का धागा एक ऐसा धागा है जो बहन के राखी के धागा को जान देकर भी नहीं चुकाया जा सकता है। कलयुग में इसकी महानता कम दिखाई देती है। लेकिन त्रेता युग में भगवान श्री कृष्णा राखी के फर्ज को पूरा किए हैं। अपनी बहन के अपमान का बदला कौरवों के वंश को सर्वनाश करके पूरा किए हैं। राखी का त्यौहार पूर्णमासी तिथि शनिवार को घर-घर की लड़कियों का महिलाएं अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना करेंगी।