उरई(जालौन)।विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में उपायुक्त स्वतः रोजगार महेंद्र प्रसाद चौबे के सेवानिवृत्त होने पर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभागीय कार्मिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

महेंद्र प्रसाद चौबे का सेवाकाल 25 अक्टूबर 1997 से प्रारंभ होकर 31 जुलाई 2025 तक विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रहा। उन्होंने सहायक सेवायोजन अधिकारी के रूप में जनपद अल्मोड़ा में सेवा दी, तत्पश्चात 1999 से 2013 तक खण्ड विकास अधिकारी के रूप में कुशीनगर, बस्ती, सुल्तानपुर, अमेठी, बाराबंकी व लखीमपुरखीरी में कार्य किया। वर्ष 2013 से 2025 तक वह उपायुक्त (श्रम/स्वतः रोजगार), परियोजना निदेशक तथा जिला विकास अधिकारी के रूप में कुशीनगर, चन्दौली, फतेहपुर, हमीरपुर, उन्नाव एवं अंततः जनपद जालौन में तैनात रहे।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि चौबे जी की सरलता, अनुशासनप्रियता और कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि, उनका अनुभव प्रशासनिक तंत्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह ने चौबे जी के साथ कार्य अनुभव को साझा करते हुए कहा कि, उनकी नेतृत्व क्षमता, समन्वय कौशल और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी ने चौबे जी को एक कुशल मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि, उनका योगदान विशेष रूप से रोजगार सृजन एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण रहा है।
अपने विदाई भाषण में महेंद्र प्रसाद चौबे भावुक होते हुए बोले, सरकारी सेवा के इस 28 वर्षों की यात्रा में अनेक जनपदों में कार्य करने का अवसर मिला। जहां भी गया, टीम भावना से कार्य किया और सभी सहयोगियों के साथ आत्मीय संबंध बने। यह सम्मान मेरे लिए एक अमूल्य धरोहर है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उन्हें स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई।