भ्रष्टाचार का वायरस लघु सिंचाई विभाग में अपने चरम पर

0विभाग में तैनात एक बाबू रहता है दलाली में लिप्त
उरई(जालौन)। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गणेशगंज निवासी अखिलेश कुमार ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। जिसमें उन्होंने ज्ञापन देते हुए बताया।लघु सिंचाई विभाग इन दिनों सुर्खियों में है जहां पर शासन की चलती है न अधिकारी की। सिर्फ चलती है तो एक बाबू की है। लघु सिंचाई विभाग में दलाली और भ्रष्टाचार चरम पर है। जबकि वहां पर एक नियुक्त बाबू पर सवालिया निशान उठाए जा रहे हैं। जैसा कि उच्च अधिकारियों द्वारा सेवा इतिहास अंकित है।उपरोक्त विषयक कई बार उच्चाधिकारियों ने अपनी जांच आख्या में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग के कार्यालय में पदस्थ एक सहायक बाबू के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। फिर भी उन्हें एक ही पटल पर कई वर्षों से गहरी बोरिंग का कार्य दिया गया है। साथ ही उपरोक्त पटल के साथ.साथ कैशियर का भी कार्य वर्तमान में देख रहे हैं।

जबकि पूर्व में इसके खिलाफ कई शिकायतें थी। जिसकी जांच में उन्हें किसी लेखा संबंधी अति संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्य न लिए जाने के लिए आदेशित किया गया था। इसके बाद भी इन्हें गहरी बोरिंग एवं कैशियर जैसे महत्वपूर्ण पटल का कार्य दिया जा रहा है। विभाग में कार्यरत बाबू को कार्यकाल आदेश संख्या 607 में 6 नवंबर 2018 निर्गत करते हुए कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति की गई थी तथा सभी लाभ दिए गए हैं।जिसके कारण प्रथम दृश्य लगभग 12 लाख रुपए का गबन दुराचार अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई से दूर अभी संधि कर लिया गया है। इस मामले में अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई बांदा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित करते हुए जांच के लिए आदेशित किया गया था। जिसके अनुपालन में अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई बांदा ने अपने पत्र संख्या 110 जोकि दिनांक 29 अप्रेल 2022 द्वारा जांच आख्या उपलब्ध कराने के लिए बाबू के विरुद्ध निम्न बिंदुओं पर आख्या दी थीए लेकिन अभी तक इसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है। प्रार्थी ने बाबू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.