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जल शक्ति मंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का उड़नखटोला से किया हवाई सर्वेक्षण

यमुना सहित सहायक नदियाँ सिंध,क्वारी,पहुँज और चम्बल से घिरा है जनपद जालौन

1155 राजस्व ग्रामों से लगभग 158 राजस्व ग्राम है बाढ़ से  प्रभावित

जालौन:प्रदेश के कई जनपद बाढ़ से प्रभावित हो गये है। इसी क्रम में जनपद जालौन भी बाढ़ से अछूता नही रह है। जनपद की मुख्य नदी यमुना खतरे के निशान से ऊपर चल रही है इसी के तहत   जल शक्ति विभाग(सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग) के मंत्री डा0 महेन्द्र सिंह जी अपने एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद जालौन के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और मौके का जायजा लिया सर्वे करने के बाद करने  स्थानीय विकास भवन सभागार में संबंधित अधिकारियों से बाढ़ सुरक्षात्मक उपायो के संबंध में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा जनपद के भौगोलिक स्थिति एवं बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होने बताया कि जनपद जालौन जिसका भौगोलिक क्षेत्रफल 4,56,400 हे0 है के अन्तर्गत पांच तहसीले तथा 155 राजस्व ग्राम स्थित हैं। जनपद के उत्तर दिशा में यमुना व पूर्व में बेतवा तथा पश्चिम में पहुँज नदियों से घिरा हैं, पश्चिम में पचनदा क्षेत्र से सटा हुआ हैं। पचनदा क्षेत्र यमुना नदी व अन्य सहायक नदियों सिंध, क्वारी, पहुँज तथा चम्बल के संगम के रूप में जाना जाता हैं। पचनदा क्षेत्र में राजस्थान एवं मध्य प्रदेश से वर्षा/बाढ़ का पानी चम्बल एवं उसकी सहायक नदियों के द्वारा एवं उत्तराखण्ड, हथिनीकुण्ड बैराज, ओखला बैराज, गोकुल बैराज मथुरा होता हुआ यमुना का पानी आने के कारण इससे सटे जनपदों इटावा, औरैया व जालौन में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती रहती हैं। यमुना बेतवा एवं पहुँज नदियों में बाढ़ के कारण समस्त तहसीलों के 1155 राजस्व ग्रामों से लगभग 158 राजस्व ग्राम प्रभावित होते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में काली सिन्ध, पार्वती नदियों एवं कोटा बैराज से चम्बल नदी में पानी छोड़े जाने के कारण कालपी में यमुना नदी के जल स्तर में दिनांक 29.07.2021 से वृद्धि हो रही है जो दिनांक 04.08.2021 को 18ः00 बजे खतरे के निशान 108.00 मी0 से ऊपर पहुंच गया तथा जल स्तर में लगातार वृद्वि हो रही हैं। जिलाधिकारी द्वारा मा0 मंत्री जी के जनपद की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया कि दिनांक 06.08.2021 को 11ः00 बजे कालपी में यमुना का जल स्तर 112.410 मी0 था जो कि खतरे के निशान से 4.410 मी0 ऊपर है तथा अधिकतम जल स्तर से 0.570 मी0 नीचे हैं। वर्तमान में औरैया में यमुना का जल स्तर अधिकतम जल स्तर से 0.190 मी0 ऊपर बह रहा हैं। जनपद औरैया से जनपद जालौन के कुठौन्द, रामपुरा, माधौगढ़ विकास खण्ड सटे होने के कारण इन विकास खण्डों में बाढ़ प्रभाव अत्यधिक है तथा उक्त बाढ़ का प्रभाव कालपी तक विद्यमान हैं। स्थानीय नदियां पहुंज एवं सिन्ध तथा क्वारी में भी अत्यधिक मात्रा में पानी आने के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वृद्वि हुई हैं। उक्त नदियां अब घट रही हैं। उपरोक्त पूर्वानुमानों एवं बढ़त ट्रेन्ड के दृष्टिगत कालपी में यमुना नदी का जल स्तर अधिकतम जल स्तर के ऊपर तक जाने की सम्भावना प्रतीत हो रही हैं। जिलाधिकारी द्वारा मा0 मंत्री जी को जनपद स्तर पर बाढ़ से निपटने हेतु रणनीति के बारे में बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों में लेखपाल एवं ग्राम विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया जो अपने-अपने ग्रामों में रह कर कार्य कर रहे हैं साथ ही तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी एवं विकास खण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो बचाव कार्य में लगे हुये हैं। जनपद में बाढ़ नियंत्रण हेतु जनपद के मुख्यालय कलेक्ट्रेट में 24 घण्टे हेतु कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गयी जिसका दूरभाष नं0- 05162-252313 है जिस पर 08-08 घण्टे की तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी हैं। इसी प्रकार सभी तहसीलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गये हैं। जनपद में संबंधी सूचना का आदान प्रदान करने हेतु फ्लड जालौन के नाम से व्हाटसअप ग्रुप बनाकर सूचना का आदान प्रदान किया जा रहा है। जनपद के सभी तहसीलों के ग्रामों में जिनमें बाढ़ की सम्भावना थी उनमें मुनादी कराकर चेतावनी का प्रसारण कराया गया है एवं लोगो को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। बाढ़ के राहत कार्यो हेतु एसडीआरएफ की 01 टीम तहसील माधौगढ़ में, एनडीआरएफ की 02 टीमें जनपद में है जिसमें 01 टीम तहसील जालौन एवं 01 टीम तहसील कालपी में बचाव कार्य कर रही हैं। सेना के 80 लोगो की टीम जनपद में है जो तहसील माधौगढ़ एवं जालौन में बचाव कार्य जिला प्रशासन के साथ कर रही हैं। बचाव कार्य हेतु लोकल मछुवारों की 99 नावें एवं फैजाबाद से 08 इलेक्ट्रानिक वोट मंगाकर राहत कार्य कराया जा रहा हैं। सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों में राहत टीम के साथ मेडीकल टीम भी भ्रमण कर लोगो का आवश्यक उपचार दिया रहा है साथ ही ओ0आर0एस0 एवं क्लोरीन की टेबलेट का भी वितरण किया जा रहा हैं। इसी प्रकार पशुओं हेतु भी बेटनरी मेडीकल टीम ग्रामों में भ्रमण कर राहत कार्य कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में अब तक 573 सूखा राशन एवं 3971 लंच पैकेट जिला प्रशासन द्वारा वितरित किये गये हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जाने वाल कार्यवाही के बारे में बताया कि मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गयी है जिसमें 24 घण्टे कर्मचारी कार्यरत रहते है जिसकी दूरभाष नं0- 05162-252516 हैं। 28 बाढ़ चैकियों का गठन किया गया हैं। प्रत्येक ब्लाक में बाढ़ से निपटने के लिये तीन-तीन टीमंे बनायी गयी हैं। संक्रामक बीमारियों से बचाव हेतु पम्पलेट/हैण्डबिल एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करवाया जा रहा हैं। प्रत्येक बाढ़ ग्रसित क्षेत्र के चिकित्सालयों पर पर्याप्त मात्रा में औषधियां उपलब्ध हैं। बाढ़ से बचाव हेतु ब्लाक स्तर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया हैं। बैठक में मा0 मंत्री जी द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के उपरान्त किये गये कार्यो की जिला प्रशासन की सराहना की। मा0 मंत्री जी द्वारा प्रत्येक बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये दिये गये दायित्वों के कार्यो की संबंधित अधिकारियों से जानकारी की। उन्होने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पशुओं के चारा, भूसा, पानी तथा बीमार पशुओं को दवाओं आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि बाढ़ से डूबे हुये गांवों में रहने वाले व्यक्तियों को सभी प्रकार की दवाओं के प्रबन्ध किये जाये। उन्होने प्रशाासन से डूबे हुये गांवों में खाद्यान्न सामग्री के पैकेट तथा इमरजेन्सी लाईट आदि की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने यह भी कहा कि ऐसे गांवों के व्यक्तियों को कपड़े, पीने के पानी गेलन द्वारा भेजे जाये। उन्होने वहां के लोगो को मोबाइल आदि चार्ज किये जाने हेतु बैटरी आदि की भी व्यवस्था की जाये। उन्होने निगरानी समितियों को भी लगाया जाये। उन्होने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जो सुरक्षा की दृष्टि से कर्मी लगाये गये है उनके खाने-पीने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होने यह भी कहा कि सभी विभागों को मिलकर नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाये। उन्होने कहा कि सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर बाढ़ से पानी घटने के उपरान्त होने वाले बीमारियों से निपटने हेतु कार्ययोजना तैयार करलें।
बैठक में मा0 विधायक सदर गौरीशंकर वर्मा, मा0 विधायक माधौगढ़ मूलचन्द्र निंरजन, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार, जिलाध्यक्ष भा0ज0पा0 रामेन्द्र सिंह बना, मुख्य विकास अधिकारी डा0 अभय कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ऊषा सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
*जनपद जालौन से soni news के लिये सुनीता सिंह की विशेष रिपोर्ट*

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