सोनी न्यूज़
जालौन धर्म

जालौन में भारत विकास परिषद एव प्रभु आइये ट्रस्ट की निःशुल्क सेवा भाव वैन का हुआ शुभारंभ।

उरई(जालौन) भारत विकास परिषद उरई शाखा एवं प्रभु आइए ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में सेवा भाव बेन का शुभारंभ जिलाधिकारी जालौन श्रीमती प्रियंका निरंजन के द्वारा किया गया उन्होंने इस कार्य की सराहना की और कहाँ कि इस आपदा के समय में सामाजिक संस्थाओं का बढ़-चढ़कर कर सहयोग देना प्रशंसनीय है इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष भारत विकास परिषद के इं.अजय इटाैदिया ने अवगत कराया की *सेवाभाव* ” बैन 24 घंटे नगर के मरीजों को मेडिकल /जिला सरकारी अस्पताल पहुंचाने का कार्य करेगी अभी हाल में ही कुछ प्राइवेट एंबुलेंस चालकों द्वारा आपदा का अवसर उठाकर अनाप-शनाप पैसे तीमारदारों से वसूले गए इसी परेशानी को देखते हुए नगर की दो महत्वपूर्ण संस्थाओं द्वारा यह निर्णय लिया की रात -दिन किसी के यहां बिमार बुजुर्ग असमर्थ महिला पुरुष जो गाड़ी के अभाव में दम तोड़ रहे हैं पड़ोसी साथ नही दे २हे है इन्हीं सब परेशानी को देखते हुए हम लोगो ने सेवा भाव वैन की शुरुआत की ह।शाखा के अध्यक्ष लखन लाल चंदया ने कहा कि भारत विकास परिषद करों ना काल मे हर सम्भव सहयोग के लिए आगे बढ़ चढ़ कर कार्य करेगी।
प्रभु आइए ट्रस्ट के रोहित विनायक ने बताया कि दिये गये नम्बरो पर कोई परेशान व्यक्ति फोन लगाकर सेवा भाव वैन को बुला सकता है।
और घर या मेडीकल कालेज /अस्पाताल पहुँचाने के बाद सेवा भाव वैन में अपने समर्थ अनुसार धन२ाशि उसमें २खे दान पात्र में डाल दें।
वो इस लिये कि सेवा भाव वैन का दुरुपयोग ना हो सके।
इस अवसर पर अपर- जिलाधिकारी ,सिटी सिटी मजिस्ट्रेट,भारत विकास परिषद उरई शाखा के अध्यक्ष डॉ. संजीव गुप्ता डॉ संजय गुप्ता,प्रभु आइये केअध्यक्ष प्रतीक कुमार अग्रवाल, सदस्य दीपक गुप्ता,रोहित त्रिपाठी,अंशुल वशिष्ट,शैलेंद्र आर्य,आदि इस अवसर पर मौजूद रहे।वैन के लिये इ अजय इटौरिया के मोब नो 9415024630 पर रोहित विनायक 92885775 गाड़ी चालक प्रशांत के 9555173224 , 8429733929 नम्बर पर संपर्क कर सकते हैं।

रिपोर्ट-अमित कुमार जनपद जालौन।

ये भी पढ़ें :

अहंकारी प्रधान ने श्रीराम से करवाया अपना स्वागत

Ajay Swarnkar

भारत विकास परिषद उरई मुख्य शाखा एवं मैथिली शरण शाखा के लोगों ने करवाया खाना वितरण

Ajay Swarnkar

2000 हजार पोधे लगवाए :- ग्राम प्रधान कुलदीप यादव

Lavkesh Singh

अपना कमेंट दें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.