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राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के रक्तकोष विभाग में, 1 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस (National Voluntary Blood Donation Day) अत्यंत उत्साह और जनसेवा की भावना के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।
जीना इसी का नाम है: रक्तदान से महकेगी मानवता

कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं और युवाओं को प्रेरित करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि इंसानी जीवन की असली सार्थकता दूसरों की मदद करने में है। जैसे कि एक प्रसिद्ध गीत की पंक्तियाँ हैं:
“किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार, जीना इसी का नाम है।”
इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हमारा थोड़ा सा रक्त किसी बेबस परिवार के चेहरे पर मुस्कान वापस ला सकता है। रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता को जीवित रखने का सबसे पवित्र माध्यम है।

गरिमामयी उपस्थिति एवं अतिथियों का स्वागत
इस अवसर पर निम्नलिखित विशिष्ट गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे:
डॉ. अरविन्द त्रिवेदी (प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई)
डॉ. प्रशांत निरंजन (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक – CMS)
डॉ. माशूक सिद्दीकी (प्रभारी, रक्तदान विभाग)
डॉ चरक सांगवान
डॉ. जितेन्द्र मिश्रा
रक्त कोष विभाग के विशेष सहयोगी स्टाफ:
श्री राहुल (काउंसलर), अमृता बाजपेई (लैब टेक्नीशियन), अंकित शुक्ला (लैब टेक्नीशियन), सुधा (स्टेनोग्राफर) एवं ऋषभ (लैब अटेंडेंट)।

प्रमुख संगठनों और रक्तदाताओं का सम्मान
स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने के लिए प्रधानाचार्य महोदय एवं अतिथियों द्वारा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और निरंतर रक्तदान करने वाले समाजसेवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
श्री बृजेंद्र कुमार (जनपद अध्यक्ष, डिप्लोमा इंजीनियरिंग महासंघ उत्तर प्रदेश)
मोहम्मद साबिर व सैयद आमिर (पदाधिकारी, गरीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन, जनपद जालौन)
श्री राजीव कुमार (ब्रांच प्रमुख, संत निरंकारी मिशन, उरई)
श्री सोहेल पांचाल (प्रति तीन माह लगातार रक्तदान करने वाले विशेष रक्तदाता)
रेयर और नेगेटिव ब्लड ग्रुप की सूची बनाने का विशेष आग्रह
समारोह के दौरान प्रधानाचार्य डॉ. अरविन्द त्रिवेदी ने सभी को मोटिवेट (प्रेरित) करते हुए उपस्थित सभी संगठनों से एक विशेष आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर अपने सदस्यों में पाए जाने वाले ‘रेयर ब्लड ग्रुप’ (दुर्लभ रक्त समूह) या ‘नेगेटिव ब्लड ग्रुप’ के लोगों की एक विशेष सूची तैयार करें। इस सूची के तैयार होने से किसी भी विपरीत परिस्थिति या आकस्मिक आपातकाल (इमरजेंसी) के समय जरूरतमंद मरीजों को बिना किसी देरी के समय पर रक्त मुहैया कराया जा सकेगा।
रक्तदान की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रधानाचार्य महोदय द्वारा उपस्थित मेडिकल कॉलेज स्टाफ, सम्मानित घटक संघों के पदाधिकारियों और नागरिकों को एक विशेष शपथ दिलाई गई। सभी ने जीवन में स्वेच्छा से नियमित रक्तदान करने तथा अपने साथियों व पारिवारिक सदस्यों को भी इसके लिए निरंतर प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी रक्तदान डॉ. माशूक सिद्दीकी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज का समस्त स्टाफ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।

