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बसपा सुप्रीमो ने यूपी के सभी 18 मंडल मुख्य इंचार्ज तथा 75 जिलों के सभी अध्यक्षों की बुलाई अति महत्वपूर्ण बैठक

आगामी 2022 चुनाव को देखते हुए सभी जिला वार लोगों की अहम बैठक और तैयारियों को देखते हुए गहन समीक्षा की जाएगी।
21 अक्टूबर से प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा सीट पर पार्टी के पोलिंग बुथों के पदाधिकारियों की चुनाव की तैयारी को लेकर चल रहे प्रगति रिपोर्ट देखि जाएगी । रिपोर्ट में किसी तरह की कमी मिलने पर उसे दूर करने के लिए अब इन्हें सिर्फ 1 सप्ताह का ही समय मिलेगा। इस प्रकार से सभी विधानसभा सीटों पर बसपा पार्टी की तरफ से चुनावी तैयारी को लेकर विस्तार से रिपोर्ट ली जाएगी।
चुनाव के दौरान पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व पार्टी के उम्मीदवारों को भी किन-किन खास बातों का ध्यान रखना है आज उन्हें इस बात की जानकारी दी जाएगी।
विरोधी पार्टियां साम,दाम,दंड, भेद करके अपने पक्ष में हवा बनाने में लगे हैं। उससे भी उन्हें सचेत किया जाएगा। इसके साथ बीजेपी सपा व अन्य विरोधी पार्टियां भी अपने अपने कर्मों पर पर्दा डालने के लिए जो इस चुनाव को हिंदू-मुस्लिम रंग देने में पूरे जी-जान से लगी है तो उसे भी बसपा पार्टी के लोगों को शहर-शहर व गांव-गांव जाकर बताना है और लोगों को सावधान करने का कार्य शुरू कर देना है ।


प्रदेश में जो भी विरोधी पार्टी सत्ता पर आसीन रही है और भाजपा अभी भी सत्ता में आसीन है तो उनकी सरकार की रही आमजन विरोधी नीतियों के बारे में बताने के साथ-साथ बीएसपी सरकार की रही जन हितैषी नीतियों के बारे में भी पार्टी के तरफ से प्रदेश की जनता को जरूर बताना है। 2007 की तरह ही ”सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय” की तरह पूर्ण बहुमत की सरकार बन सके।
वैसे इस मामले में आप लोगों को मालूम है कि बीएसपी की चारों रही सरकारों में प्रदेश में हर मामले में वह हर स्तर पर प्रदेश में अन्याय, अपराध व भ्रष्टाचार मुक्त तथा विकास युक्त वातावरण पैदा करने के साथ-साथ विशेष कर कमजोर वर्गो, गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों, किसानों, छोटे व्यापारियों एवं अन्य मेहनतकश के हितों के लिए कई ऐतिहासिक व अति महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जिसको प्रदेश की जनता अभी तक भूले नहीं है। जिसे खास ध्यान रखकर पार्टी के लोगों को इस चुनाव में वोट मांगना है।
यूपी की जनता ने आजादी के बाद या शुरू में काफी लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी वो बाद में सपा, बीजेपी एवं बीएसपी का शासनकाल देखा है। लेकिन इस मामले में प्रदेश की जनता पूरी ईमानदारी से बताएं की सभी पार्टियों के शासनकाल में से किस पार्टी का हर मामले में वह हर स्तर पर बेहतरीन शासनकाल रहा है। फिर प्रदेश की आम जनता एवं दबी जुबान में विरोधी पार्टियों के लोग भी यही कहेंगे की बीएसपी का बेहतरीन शासनकाल रहा है।
प्रदेश की जनता को मेरा यही कहना है कि अपने हित और कल्याण को ध्यान में रखकर इस चुनाव में किसी भी भावना व प्रलोभन भरे चुनावी घोषणा पत्र आदि के बहकावे में ना आकर बल्कि बीएसपी में रहे बेहतरीन शासनकाल को याद करते हुए वोट देना है और फिर से बीएसपी को सत्ता में वापस लाना है। जिसकी इस समय प्रदेश की जनता को काफी सख्त जरूरत भी है।
बीजेपी का यह कहना इस बार चुनाव में 300 से ज्यादा सीट जीतने वाली है इस बात में कोई दम नहीं है। अगर होता तो फिर बीजेपी पार्टी चुनाव के कुछ समय पहले ताबड़तोड़ असंख्य घोषणाएं, शिलान्यास एवं अध कच्चे कार्यों के उद्घाटन व लोकार्पण आदि नहीं करते। भाजपा को अगर चुनाव हारने का डर नहीं तो क्यों भाजपा केंद्रीय नेताओं और केंद्रीय सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों को थोक में प्रदेश में भेजकर प्रचार करा रही है। क्यों भाजपा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों को हर एक जिले में कई बार नहीं जाना पड़ता तथा उनको चुनाव घोषित होने से कुछ समय पहले प्रदेश की जनता व छात्राओं को आदि किस्म के लालच नहीं देने पड़ते। यही स्थिति हमें सपा और काफी कुछ अन्य विरोधी पार्टियों की भी देखने को मिल रही है। यूपी की जनता अब इनके किसी भी प्रलोभन वह हथकंडे में आने वाली नहीं है बल्कि इस बार बीएसपी ही सत्ता में आने वाली है और इसका मुझे जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं व छोटे बड़े पदाधिकारियों के ऊपर भरोसा है जो मेरे दिशा निर्देशन में अपने अपने क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा में सभी पोलिंग बूथों के क्षेत्रों में हर मामले में वहां के लोगों को चुनावी तौर के लिए जागरूक करने पर लगे हैं। वैसे भी अब प्रदेश की जनता वास्तव में यहां परिवर्तन चाहती है। और अब व बीएसपी कोई सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। इस उम्मीद व भरोसे के साथ मैं अपनी बात समाप्त करती हूँ-

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