जनपद जालौन से बड़ी खबर
📌04 से 06 नवंबर तक राजकीय इंटर कॉलेज उरई में सजेगा तीन दिवसीय मेला, 50 स्टॉलों पर दिखेगी जनपद के स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों की प्रतिभा
स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनपद में तीन दिवसीय दीपावली मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह मेला केवल खरीदारी का केंद्र ही नहीं, बल्कि जनपद के स्थानीय हुनर, स्वदेशी उत्पादों और महिला उद्यमिता को नई पहचान देने का एक महत्वपूर्ण मंच बने। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को विशेष स्थान दिया जाए तथा व्यवस्थाएं इस प्रकार सुनिश्चित की जाएं कि जनपदवासियों को एक ही परिसर में दैनिक उपयोग से लेकर त्योहारों की जरूरतों तक की विभिन्न प्रकार की सामग्री उपलब्ध हो सके। उन्होंने मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर भी जोर दिया, जिससे अधिक से अधिक लोग मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सकें। दिनांक 04 से 06 नवंबर 2026 तक राजकीय इंटर कॉलेज उरई परिसर में आयोजित होने वाले इस मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित 20 स्वयं सहायता समूहों सहित विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के कुल 50 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें महिलाओं द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थ, मसाले, अचार, बेसन, दाल, देसी घी, मिलेट्स एवं जैविक उत्पाद, गोबर से निर्मित सामग्री, आकर्षक दीपक, मोमबत्तियां, मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, अगरबत्ती, धूपबत्ती, पूजा सामग्री, हस्तनिर्मित सजावटी सामान, कपड़े, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, लकड़ी के खिलौने सहित अनेक स्वदेशी उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। मेले की खास बात यह होगी कि जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आने वाले स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने हाथों से तैयार उत्पादों का स्वयं प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगी। इससे उन्हें अपने उत्पादों की पहचान बनाने, बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा। साथ ही जनपदवासियों को स्थानीय स्तर पर निर्मित गुणवत्तापूर्ण एवं स्वदेशी सामग्री खरीदने का अवसर प्राप्त होगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मेले में साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा, अग्निशमन, सीसीटीवी कैमरा से निगरानी, यातायात व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले का आयोजन सुव्यवस्थित एवं आकर्षक ढंग से किया जाए, ताकि दीपावली के उल्लास के बीच स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिले और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हुनर को नई पहचान मिल सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी आदि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

