📌जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में वीबीजी-आरएमजी योजना की रूपरेखा, ग्राम विकास, रोजगार सृजन और पारदर्शिता पर हुआ मंथन
जनपद जालौन-उरई,
राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आज वीबीजी-आरएमजी (VBG-RMG) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों तथा ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े सभी हितधारकों को योजना की अवधारणा, उद्देश्यों, प्रावधानों एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया से विस्तारपूर्वक अवगत कराना था, ताकि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

कार्यक्रम में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, समस्त खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, बीडीसी सदस्य एवं जिला पंचायत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सम्मेलन में वीबीजी-आरएमजी अधिनियम के विजन एवं उद्देश्यों, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, विकसित ग्राम पंचायत योजना के निर्माण एवं अनुमोदन, परिवारों के पंजीकरण, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने, परिसंपत्तियों के निर्माण, अनुरक्षण एवं निगरानी, अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के साथ अभिसरण, पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, शिकायत निवारण एवं सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में योजना की भूमिका पर भी विशेष प्रकाश डाला गया।
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा मजदूरी का भुगतान अब पूर्व की अपेक्षा अधिक तेजी से, सात दिनों के भीतर श्रमिकों के खातों में सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि ग्राम पंचायतों का विकास पंचों के सक्रिय नेतृत्व पर निर्भर करता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सभी विभागों के समन्वय से गांव की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करें, जिससे वर्ष 2047 तक विकसित ग्राम पंचायतों का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि योजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आजीविका संवर्धन एवं आधारभूत संरचना के विकास से गांवों का समग्र विकास होगा, जो अंततः जनपद एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
विधान परिषद सदस्य श्रीमती रमन निरंजन ने योजना में महिलाओं की अधिकतम भागीदारी पर विशेष बल देते हुए कहा कि महिलाओं को प्राथमिकता देने से उनका आर्थिक सशक्तिकरण होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी पहले इसके नियमों एवं दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन करें, ताकि क्रियान्वयन के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार की जाएं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण पलायन पर प्रभावी रोक लग सके। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत पात्र प्रत्येक इच्छुक व्यक्ति को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जाए।
कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त श्रम एवं रोजगार रामेंद्र सिंह ने किया। योजना की विस्तृत रूपरेखा एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया की जानकारी खंड विकास अधिकारी अरुण सिंह ने प्रस्तुत की। अंत में परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों को योजना से संबंधित नियमावली एवं शासनादेशों की पुस्तिका भी वितरित की गई, जिससे वे योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

