एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित डोना पाउला निवास पर कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया।
डॉक्टरों ने 45 मिनट तक CPR देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। 1978 में गमन से करियर शुरू करने वाले पाटेकर ने परिंदा, क्रांतिवीर, अब तक छप्पन और नटसम्राट जैसी फिल्मों से अभिनय की नई परिभाषा गढ़ी।

उन्हें तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। हाल ही में वे ओ’ रोमियो और सुबेदार जैसी फिल्मों में दिखे। उनका जाना भारतीय सिनेमा के लिए अपूर्णीय क्षति है।

