उरई।12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के सफल आयोजन एवं योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनपद के सभी प्रधान प्रशासकों, ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने 15 से 21 जून तक मनाए जा रहे योग सप्ताह को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य एवं कल्याण के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का आधार भी है। वर्तमान समय में बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों एवं मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए योग सबसे प्रभावी उपाय है।उन्होंने निर्देश दिए कि योग सप्ताह के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत में योग जागरूकता रैली, योग परिचर्चा, योग शपथ, स्वच्छता अभियान, दीवार लेखन, सार्वजनिक घोषणाएं एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं, पंचायत सहायकों, शिक्षकों, सफाई कर्मियों, कोटेदारों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों, किसान समूहों तथा सामाजिक संगठनों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए, ताकि योग का संदेश हर परिवार तक पहुंचे।जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में व्यापक जनसहभागिता के साथ सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से अमृत सरोवरों, तालाबों, पंचायत सचिवालयों, खेल मैदानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अधिक से अधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लें। योग सप्ताह के दौरान गांव-गांव में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हुए इसे जनस्वास्थ्य एवं जनकल्याण के व्यापक अभियान के रूप में संचालित किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप योग को जनआंदोलन का स्वरूप देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” की अवधारणा को साकार करने के लिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रधान प्रशासकों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से स्वयं योग कार्यक्रमों में भाग लेने तथा ग्रामीणों को इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।