देवी त्रिपुरा सुंदरी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. जानिए वो कौन से है नौ रूप

देवी त्रिपुरा सुंदरी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है.

* जो लोग अंक ज्योतिष में विश्वास रखते हैं, वे अपनी जन्मतिथि के सापेक्ष देवी के उस स्वरूप की पूजा कर सकते हैं, जीवन में संपूर्ण सुख प्राप्त होने के साथ-साथ विशेष उपलब्धियां भी मिलती हैं.

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1. देवी का प्रथम स्वरूप पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इनका प्रथम स्वरूप- शेैलपुत्री है. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 1, 10, 19, 28 तारीख है या तिथि- एकम और दशमी है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, पद-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी!

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2. देवी का द्वितीय स्वरूप सच्चिदानन्द ब्रह्यस्वरूप की प्राप्ति कराने की प्रकृति होने के कारण देवी का द्वितीय स्वरूप- ब्रह्मचारिणी है. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 2, 11, 20, 29 तारीख है या तिथि- द्वितीया और एकादशी है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, मानसिक शांति मिलेगी!

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3. देवी का तीसरा स्वरूप– चन्द्रघण्टा है. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 3, 12, 30 तारीख है या तिथि- तृतीया, द्वादशी और अमावस्या है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, सुख-समृद्धि मिलेगी!

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4. देवी का चौथा स्वरूप– कूष्माण्डा है. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 4, 13, 22, 31 तारीख है या तिथि- चतुर्थी और त्रयोदशी है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, जीवन में सफलता मिलेगी!

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5. देवी का पांचवां स्वरूप– स्कन्दमाता है. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 5, 14, 23 तारीख है या तिथि- पंचमी और चतुर्दशी है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, संतान-सुख मिलेगा!

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6.देवी का छठा स्वरूप  देवताओं की कार्य सिद्धि हेतु महर्षि कात्यायन के आश्रम में प्रकट होने के कारण देवी का छठा स्वरूप- कात्यायनी है. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 6, 15, 24 तारीख है या तिथि- षष्ठी और पूर्णिमा है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, भौतिक सुख मिलेगा!

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7. देवी का सातवां स्वरूप है– कालरात्रि. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 7, 16, 25 तारीख है या तिथि- सप्तमी है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, सौभाग्य की प्राप्ति होगी!

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8. देवी का आठवां स्वरूप है– महागौरी. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 8, 17, 26 तारीख है या तिथि- अष्टमी है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, कष्टों से मुक्ति मिलेगी!

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9. देवी का नौवां स्वरूप है– सिद्धिदात्री. जिन श्रद्धालुओं की जन्म दिनांक किसी भी महीने की- 9, 18, 27 तारीख है या तिथि- नवमी है, वे देवी की इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करें, पराक्रम बढ़ेगा!

 

देवी के किसी भी स्वरूप की पूजा करें- शांत मन से, शुद्ध तन से और संयमित जीवन से देवी आराधना करें, जीवन में सुख-समृद्धि-सफलता के नए आयाम स्थापित होंगे!

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soni न्यूज़ के लिए ज्योतिषाचार्य श्री सुरेंद्र शास्त्री

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